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Friday, 18 September 2020

गूगल ने Paytm ऐप को प्ले स्टोर से हटाया, बताई ये वजह


Google Play Store से Paytm खींचा गया; Google कहता है कि जुआ ऐप्स की अनुमति न दें




एक आश्चर्यजनक कदम में, Google ने शुक्रवार को Google Play स्टोर से पेटीएम ऐप को खींच लिया। Google ने कहा है कि उसने अपने प्लेटफ़ॉर्म पर किसी भी जुआ ऐप का समर्थन नहीं किया है और एक ब्लॉग पोस्ट किया है जो Play जुआ नीतियों के बारे में बात करता है। हम कहानी के लिए पेटीएम तक पहुँच चुके हैं और उनसे सुनते ही अपडेट हो जाएगा। Google ने शुक्रवार को एक ब्लॉग पोस्ट किया, जिसका शीर्षक था, "भारत में हमारी खेल जुआ नीतियों को समझना" जहां इसने ऐसे ऐप से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डाला जो भारत में जुआ को समर्थन या बढ़ावा देते हैं। “Google Play को हमारे उपभोक्ताओं के लिए एक सुरक्षित और सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जबकि डेवलपर्स को प्लेटफ़ॉर्म और उपकरण भी दिए जा रहे हैं, जिन्हें उन्हें स्थायी व्यवसाय बनाने की आवश्यकता है। हमारी वैश्विक नीतियों को हमेशा हमारे सभी हितधारकों की भलाई को ध्यान में रखते हुए, उस लक्ष्य के साथ डिज़ाइन किया गया है। ” ऐप के माध्यम से उपलब्ध ऑनलाइन कैसीनो के मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए, Google के Suzanne Frey, उपाध्यक्ष, उत्पाद, एंड्रॉइड सुरक्षा और गोपनीयता ने लिखा, “हम ऑनलाइन कैसीनो की अनुमति नहीं देते हैं या किसी भी ऐसे अनियमित जुआ ऐप्स का समर्थन नहीं करते हैं जो खेल सट्टेबाजी की सुविधा प्रदान करते हैं। इसमें यह भी शामिल है कि अगर कोई ऐप उपभोक्ताओं को किसी बाहरी वेबसाइट पर ले जाता है जो उन्हें असली पैसे या नकद पुरस्कार जीतने के लिए भुगतान किए गए टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति देता है, तो यह हमारी नीतियों का उल्लंघन है। यह ध्यान देने योग्य है कि पेटीएम अभी भी ऐप स्टोर पर उपलब्ध है।

Monday, 14 September 2020

 

राष्ट्रपति, CJI,PM मोदी से लेकर विपक्षी नेताओं सहित 10 हजार भारतीयों की जासूसी करा रहा चीन



रिपोर्ट में कहा गया कि झेनझुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड की ओर से जिन भारतीयों पर नज़र रखी जा रही है, उनमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गांधी परिवार, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक जैसे बड़े नेता, राजनाथ सिंह-पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्री, CDS बिपिन रावत समेत कई बड़े सेना के अफसर शामिल हैं.

अंग्रेजी अखबार का दावा है कि चीनी कंपनियां इन सभी हस्तियों की डिजिटल जिंदगी को फॉलो कर रही है, साथ ही ये लोग, इनके परिजन और समर्थक कैसे काम करते हैं इसपर भी नज़र रखी जा रही है. चीनी कंपनी इन सभी लोगों का रियल टाइम डेटा कलेक्ट कर रही है, जो कि चीनी सरकार के साथ साझा किया जाता है. जिनमें बड़े नेताओं, खिलाड़ियों, बिजनेसमैन, पत्रकारों के रिश्तेदारों की भी लिस्ट है, जिनपर नजर रखी जा रही है.


China Monitoring India



भारत और चीन के बीच एलएसी पर तनाव अपने चरम पर है. चीन लगातार युद्ध जैसे हालात पैदा कर रहा है. भारतीय सेना संयम से काम ले रही है. इसी बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है. चीन कुछ कंपनियों के द्वारा भारत में जासूसी करवा रहा है, इसके तहत प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक, मुख्यमंत्री से लेकर सेना के अफसर तक और बड़े अफसरों से लेकर बिजनेसमैन तक हर कोई उसके निशाने पर है.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि चाइनीज कंपनी शेनज़ेन भारत में करीब दस हजार लोगों की निगरानी करती है. इस कंपनी का चीन की सरकार और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से सीधा संबंध है. इस चीनी कंपनी की करीब दस हजार भारतीयों पर नजर है, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर एक मेयर तक शामिल है.

रिपोर्ट में कहा गया कि झेनझुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड की ओर से जिन भारतीयों पर नज़र रखी जा रही है, उनमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गांधी परिवार, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक जैसे बड़े नेता, राजनाथ सिंह-पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्री, CDS बिपिन रावत समेत कई बड़े सेना के अफसर शामिल हैं.

अंग्रेजी अखबार का दावा है कि चीनी कंपनियां इन सभी हस्तियों की डिजिटल जिंदगी को फॉलो कर रही है, साथ ही ये लोग, इनके परिजन और समर्थक कैसे काम करते हैं इसपर भी नज़र रखी जा रही है. चीनी कंपनी इन सभी लोगों का रियल टाइम डेटा कलेक्ट कर रही है, जो कि चीनी सरकार के साथ साझा किया जाता है. जिनमें बड़े नेताओं, खिलाड़ियों, बिजनेसमैन, पत्रकारों के रिश्तेदारों की भी लिस्ट है, जिनपर नजर रखी जा रही है.





Note :  ये आर्टिकल इंटरनेट में मौजूद जानकारियों के आधार पे लिखा गया है इसके सही होने का प्रमाण http://live-viralnews.blogspot.com/ नहीं देता है. 

Friday, 11 September 2020

Corona : भारत में है सबसे कम मौत की दर, क्या है आंकड़ों की असली कहानी?

 


Corona : भारत में है सबसे कम मौत की दर, क्या है आंकड़ों की असली कहानी?


जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक भारत में कोरोना से मौत की दर 1.7% है. वही अमेरिका में ये लगभग 3%, ब्रिटेन में 11.7% और इटली में ये 12.6% है. सरकार का दावा है कि भारत में कम मौत की दर का मतलब है कि कोरोना के संकट को ठीक तरीके से संभाला जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त में एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था 'देश में औसत मौत की दर लगातार नीचे जा रही है. उम्मीद करते हैं कि ये जल्द ही 1% से नीचे पहुंच जाएगी, लेकिन भारत में कुछ वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि मौत की संख्या अधूरी और भ्रामक है.

Corona Virus in India


भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन मृत्यु दर गिर रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, प्रति 100 मामलों में मृत्यु दर अप्रैल में 4% से अगस्त में 2.15% हो गई, और अब 2% से कम है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि ये संख्या सही तस्वीर नहीं बता रही है. उनका मामना है कि भारत में कमजोर सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा है, और वर्षों से ये अपने ही नागरिकों की मौतों को सही ढंग से दर्ज करने में विफल रहा है.

आंकड़ों के मुताबिक, केवल 86% मौतें सरकारी प्रणालियों में हैं. डॉक्टर हेमंत शेवाडे ने कहा कि सभी पंजीकृत मौतों में से केवल 22% मौत की आधिकारिक वजह बताई जाती है. इसके पीछे मुख्य वजह है कि भारत में अधिकांश लोग घर या दूसरे स्थानों पर मरते हैं, अस्पताल में नहीं, इसलिए डॉक्टर आमतौर पर मृत्यु का कारण बताने के लिए मौजूद नहीं होते हैं.