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Sunday, 26 January 2020

गूगल की नौकरी छोड़ अब तक 93 तालाब और झील साफ कर चुके हैं अरुण कृष्णमूर्ति!


गूगल की नौकरी छोड़ अब तक 93 तालाब और झील साफ कर चुके हैं अरुण कृष्णमूर्ति!

बदलाव की शुरुआत खुद से होती हैं और यह किया हैं चेन्नई के रहने वाले नौजवान ने. देश की सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर कचरा देखते हैं तो अक्सर लोग मुंह फेर देते हैं. लेकिन इस युवा को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं था. चेन्नई जो इस साल भूमिगत पानी की किल्लत के चलते सुर्ख़ियों में रहा. उसकी वजह चेन्नई के जलाशयों की समुचित तरीके से देखभाल नहीं करना हैं. चेन्नई में झील एवं जलाशयों का जाल था लेकिन बेहताशा कंस्ट्रकशन और जाल-स्श्रोतों के प्रति बेरुखी ने चेन्नई को इस हाल में ला दिया हैं.
इस समस्या के समाधान के लिए इस नौजवान ने गूगल की नौकरी छोड़ी और जुट गया चेन्नई के जलाशयों को साफ़ करने में. कुछ लोगो से शुरू हुआ यह अभियान एक आंदोलन बन चूका हैं और अब तक 93 से ज्यादा तालाब एवं झीलों की सफाई की जा चुकी हैं. इस अभियान को साकार रूप देने वाले युवा का नाम हैं अरुण कृष्णमूर्ति ( Arun Krishnamurthy ).

अरुण ने Environmentalist Foundation of India (EFI) के जरिये चेन्नई के साथ ही देश के 14 राज्यों में काम किया हैं. 2007 में शुरू हुए इस संगठन ने जलाशयों से कचरे के साथ ही हानिकारक पदार्थ जैसे प्लास्टिक , रबर एवं अन्य पदार्थ निकालते हैं. इसके बाद जलाशय को पुनः गन्दा होने से बचाने के लिए काम किया जाता हैं.
अरुण आईएएनएस को बताते हैं कि चेन्नई में पले-बढे होने के कारण झीलों एवं जलाशयों से करीबी रिश्ता रहा. अपनी शानदार नौकरी छोड़ने के पीछे इन जलाशयों में कचरे की जगह मेंढक, मछलियां एवं पक्षियों के साथ ही हरियाली देखना चाहते थे. जब काम शुरू किया तो लोकल प्रशासन के साथ ही लोगों का साथ मिला. इसके बाद काम बढ़ता गया और आज एक बड़ा आंदोलन बन चूका हैं.

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